How to get home loan in Hindi - होम लोन कैसे लेते हैं?

सभी जांच पूरी हो जाने पर बैंक होम लोन देने की मंजूरी दे देता है। कर्ज लेने वाले को एक acceptance letter जारी किया जाता है और होम लोन के अग्रीमेंट पर सिग्नेचर कराए जाते है।एक बार होम लोन के अग्रीमेंट पर सिग्नेचर हो जाए तो बैंक लोन अमाउंट जारी कर देता है।

How to get home loan in Hindi - होम लोन कैसे लेते हैं?

How to get home loan in Hindi - हर व्यक्ति का यह सपना होता है कि वह अपनी लाइफ में अपने परिवार के लिए एक घर ले सके। लेकिन समय के साथ मकानों की कीमतें तेजी बढ़ती जाती है और ऐसे में एक मिडिल क्लास आदमी के लिए घर लेना नामुमकिन सा लगता हैं। लेकिन भला हो उन बैंकों का जो घर बनाने के लिए होम लोन देते है और जिनकी वजह से एक मिडिल क्लास आदमी भी घर बना पाता है. होम लोन लेने का प्रोसेस काफी मुश्किल होता है लेकिन आप प्रॉपर डॉक्यूमेंट तैयार करके थोड़ी मेहनत के साथ आसानी से होम लोन ले सकते है.

Home Loan क्या है:यदि आप अपना खुद का घर बनाना चाहते हैं। लेकिन आपके पास घर बनाने के लिए पैसे नहीं है। तो ऐसे में आपको बैंक से या किसी फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट से घर बनाने के लिए ब्याज पर उधार पैसा लेना पड़ता हैउसी कोHome Loan कहा जाता है। Home Loan के लिए आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। एक बार लोन लेने के बाद आपको उसे चुकाने के लिए 20 से 30 साल तक का टाइम मिलता है. होम लोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दूसरे लोन के मुकाबले में इस पर काफी कम दर से ब्याज का भुगतान करना पड़ता है।

Home Loan Process: होम लोन लेने से पहले आपको क्या करना है?

Step 1: Self-Assessment

  • Cost of Property – मकान की लागत
  • Own Contribution –बैंक मकान की लागत का 70 से 80 प्रतिशत तक ही लोन देते है बाकि20-30% तक का इन्तेजाम आपको खुद ही करना होता है.
  • EMI Affordability – क्या आप लोन की किश्तों का पेमेंट कर सकते है? लोन की EMI, कभी भी आपकी Monthly Income के 45% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • Loan Period – लोन की अवधि जितनी हो सके, उतनी कम होनी चाहिए ताकि आपको ब्याज कम से कम देना पड़े।

Step 2: Choose The Right Bank or Financial institute: सही Bank  या Housing Financing Company (HFC) का चुनाव करना लोन लेने के प्रोसेस का एक अहम् हिस्सा होता है। होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना है होगा जैसे:-

  • Interest Rate
  • EMI
  • Loan Period
  • Interest Type – Fixed or Floating
  • Processing Fees
  • Loan Prepayment Terms
  • Penalty for Late Payment
  • Loan Agreement
  • Loan Approval  Process
  • Tax Benefits
  • Home Loan Transfer Process

बैंकों के इंटरेस्ट रेट में समय समय पर बदलाव होते रहते है।  इसलिए देखें कि आप फ्लोटिंग या फिक्स इंटरेस्ट रेट ले रहे है। Floating Interest Rateका मतलब है कि जैसे हीRBI द्वारा इंटरेस्ट रेट कम या ज्यादा किये जाएंगे, वैसे ही आपके ब्याज और EMI में भी बदलाव होता रहेगा। औरFixed Interest Rateमें पूरे लोन टाइम पीरियड के दौरान एक ही ब्याज दर रहती है

Step 3: Preparation of Documents: तीसरा स्टेप आता है होम लोन लेने के लिए डॉक्यूमेंट तैयार करने का. लोन लेने से पहले आपको कुछ डॉक्यूमेंट तैयार रखने होंगे. जैसे

  • Identity proof
  • Age proof
  • Address proof
  • Proof of educational qualifications
  • Employment details
  • Income proof जिसके लिए आप को पिछले तीन साल के Income Tax Returns दिखाने पड़ सकते है.
  • Details about the property
  • Bank statements

Step 4: Apply For Home Loan:होम लोन के लिए अप्लाई करने के लिए आपको जिस बैंक से लोन लेना है उसकी नजदीकी ब्रांच में जाना होगा और बैंक के लोन डिपार्टमेंट से मिलना होगा जो लोन पास कराने में आपकी मदद करेंगे। पहले आपको एक फॉर्म भरना होगा और सभी डॉक्यूमेंट के साथ उसे सबमिट करना होगा।Home Loan Application सबमिट करते समय प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना पड़ेगा जो अलग अलग बैंकों में 0.25% से 2% तक हो सकती हैं।

Step 5: Evaluation and Verification:आपके के द्वारा सबमिट किये गए सभी डाक्यूमेंट्स को बैंक वेरीफाई करेगा और जरूरत पड़ी तो पूरी तरह से satisfy होने के लिए बैंक आपसे कुछ और डाक्यूमेंट्स की भी मांग कर सकता है। इस प्रोसेस को पूरा होने में कुछ दिनों का समय लग सकता है। डॉक्यूमेंट से पूरी तरह satisfy होने के बाद बैंक एक Field investigation प्रोसेस शुरू करता है ताकि इस को कन्फर्म किया जा सके कि एप्लीकेशन फार्म में एड्रेस और ऑफिस के बारे में दिए गए सभी फैक्ट्स सही हैं।

इसके बाद बैंक आपकी लोन के भुगतान की Ability का Estimation करता है। यदि बैंक को लगा की आप लोन तथा ब्याज की कीमत को समय पर भुगतान करने में unable हैं, तो वह आपके होम लोन की एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर देगा। और अगर बैंक को सब सही लगा तो आपके होम लोन को एप्रूव्ड कर दिया जायेगा.

Step 6: Property Valuation and Verification:वकील के ज़रिये प्रॉपर्टी की Independent legal inquiry कराएगा और वकील बैंक को Title Certificate या Legal Verification Report जारी करेगा। बैंक फिर प्रॉपर्टी की मार्किट वैल्यू निकवायेगा ताकि लोन अमाउंट decide किया जा सके.

Step 7: Home Loan Sanction:सभी जांच पूरी हो जाने पर बैंक होम लोन देने की मंजूरी दे देता है। कर्ज लेने वाले को एक acceptance letter जारी किया जाता है और होम लोन के अग्रीमेंट पर सिग्नेचर कराए जाते है।एक बार होम लोन के अग्रीमेंट पर सिग्नेचर हो जाए तो बैंक लोन अमाउंट जारी कर देता है।