How to become an I.A.S Officer - आईएएस ऑफिसर कैसे बनें?

हर स्टूडेंट का एक सपना होता है की वो भी मेहनत करके अपनी ज़िंदगी में कुछ बने जैसे की वकील,डॉक्टर, इंजिनियर,या कुछ और फिर इन सब करियर्स के बाद कुछ स्टूडेंट्स होते हैं जो आईएएस अफसर बनके अपने देश को सर्व करना चाहते हैं। एक आईएएस के स्टूडेंट को हुमारे देश में सबसे ऊंचा दर्जा दिया जाता है क्यूंकी आईएएस ऑफीसर के लिए क्वालीफाई करना बहुत ही मुश्किल होता है, तभी लाखों में से कुछ मुठ्ठी भर स्टूडेंट्स ही अंतिम में आईएएस ऑफीसर बन पाते हैं।

How to become an I.A.S Officer - आईएएस ऑफिसर कैसे बनें?
How to bacome an I.A.S Officer ?आईएएस ऑफिसर कैसे बनें?
आप सब यह भी जानते होंगे की यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन (यूपीएससी) सिविल सर्वीसज़ की परीक्षा ऑर्गनाइज़ करवाता है जो की काफ़ी मुश्किल होती है। इसके बाद लाखों की तादात में स्टूडेंट्स देश के हर कोने से हर साल आते हैं इस एग्ज़ॅम को देने के लिए और प्रिपेर करते हैं इस आशा में की वो भी आईएएस ऑफीसर बन जाए। हर साल लगभग 10 लाख स्टूडेंट्स आईएएस ,आईपीएस, आइआरएस और बाकी कुलिन सेवा के लिए सिविल सर्वीसज़ के एग्जाम देते हैं।

आईएएस ऑफिसर की मीनिंग

आईएएस एक ऑल इंडिया सर्विस होती है जो इंडियन फॉरिन सर्विस और इंडियन पोलीस सर्वीसज़ को भी इंक्लूड करती है अपने में। आईएएस का फुल फॉर्म होता है इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस। इसे हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहते हैं। आईएएस का एग्जाम यूपीएससी कंडक्ट करवाता है इसके साथ यूपीएससी और भी अलग अलग एग्जाम कंडक्ट करवाता है जैसे की NDA,CDS,IES,इत्यादि। एक आईएएस ऑफीसर किसी भी जिले के एडमिनिस्ट्रेशन में बहुत ही महत्वपूर्ण रोल प्ले करता है ,क्यूंकी यही होते हैं जो एक जिले से रिलेटेड सारे इम्पोर्टेन्ट चीज़ों को देखते हैं।
आईएएस 1946 में हमारे देश गठित हुआ था उसके पहले इंडियन इम्पीरियल सर्विसेज के नाम से जाना जाता था (1893-1946) तक
एक आईएएस अफसर की काफी डूटीएस होती हैं मगर मैनली उनकी जिम्मेदारी जो होती है वह हैं – लॉ एंड आर्डर को मेन्टेन करना ,रेवेनुउ का कलेक्शन और बाकी सारा एडमिनिस्ट्रेशन जो उसके अंडर हो उसे देखना। आईएएस अफसर के कर्त्तव्य के कुछ उदाहरण:
  • राजस्व कलेक्शन
  • कार्यकारी मजिस्ट्रेट
  • मुख्य विकास अधिकारी(CDO)/ जिला विकास आयुक्त
  • राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों को अमल करवाना
  • पॉलिसी बनाने और निर्णय लेने में मदद करना
  • जिले में योजना बनाना और उचित निर्णय लेना
  • और भी बहुत सारे कर्त्तव्य

आईएएस ऑफिसर की योग्यता

1) नागरिकता : सबसे पहली और इम्पोर्टेन्ट चीज़ जो होती है एक आईएएस अफसर बनने के लिए वह है की जो कैंडिडेट आईएएस बनना चाहते हैं वह इंडियन सिटीजन है। जो स्टूडेंट्स या कैंडिडेट्स भारतीय नागरिकता होल्ड नहीं करते हैं वह इस पोस्ट के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं।
2) शैक्षिणिक योग्यता : आईएएस अफसर के लिए एलिजिबल होने के लिए एक कैंडिडेट के पास एक मान्यता प्राप्त इंडियन यूनिवर्सिटी की डिग्री होना भी बहुत जरुरी होता है। इसका मतलब एक यूनिवर्सिटी जो इंकॉर्पोरेटेड हो ‘अक्ट ऑफ़ पार्लियामेंट ‘ में या फिर एक यूनिवर्सिटी जो एक डीम्ड यूनिवर्सिटी हो , यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन(युजीसी) के द्वारा। इसके अलावा ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स भी अप्लाई कर सकते हैं प्रारंभिक परीक्षा के लिये। इस एलिगिबिलिटी के बाकी क्राइटेरिया है:
  • कैंडिडेट्स जिनके पास प्रोफेशनल और टेक्निकल डिग्रीज हैं जो गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया के द्वारा मान्यता प्राप्त हो, ये कैंडिडेट्स भी एलिजिबल होंगे आईएएस के एग्जाम में अप्लाई करने के लिये।
  • आईएएस प्रोविजनल बेसिस पे भी कुछ कैंडिडेट्स को एडमिट करेगा जिनके पास एमबीबीएस की डिग्री हो या कैंडिडेट्स जिन्होंने कोई और मेडिकल एग्जाम पास करा हो अपनी इंटर्नशिप खत्म करे बिना। इसके लिए कैंडिडेट्स को अपने यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट की कॉपी सबमिट करनी होगी और उसके साथ आईएएस का ऑनलाइन एप्लीकेशन।
3) आयु : जो जनरल केटेगरी के स्टूडेंट या कैंडिडेट एग्जाम के लिए अप्पेअर करना चाहते हैं उनकी न्यूनतम आयु सीमा 21साल से कम नहीं हो सकती है और उनकी ऊपरी आयु सीमा 32 साल से ज़्यादा नहीं हो सकती। इसका मतलब आईएएस 2019 के लिए कैंडिडेट्स अगस्त 02 1987 से पहले नहीं पैदा हो सकते और 01अगस्त 1998 के बाद नहीं पैदा हो सकते। इसके अलावा ऐज लिमिट में कुछ और भी मानदंड होते हैं:-
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के कैंडिडेट्स को मैक्सिमम ऐज लिमिट में 5 साल की छूट मिलती है।
  • अन्य पिछड़ी जाति (OBC) के कैंडिडेट्स को 3 साल तक की छूट मिलती है।
  • कैंडिडेट्स जो जम्मू में 1 जनवरी 1981 से दिसम्बर 31, 1990 तक रहते थे उनको 5 साल तक की रिलैक्सेशन मिलती है।
  • 3 साल की रिलैक्सेशन उन् कैंडिडेट्स को मिलती है जो डिफेंस सर्विस पर्सनेल होते हैं और जो विकलांग हो जाते हैं सर्विस के दौरान दुश्मन देश में या फिर देश के किसी डिस्टर्ब एरिया में।
  • 5 साल की रिलैक्सेशन मिलती है उन् कैंडिडेट्स को जो भूतपूर्व सैनिक हो इन्क्लूडिंग कमीशंड ऑफिसर्स एंड ECOs/SSCOs जिन्होंने कम से कम 5 साल की मिलिट्री सर्विस की हो अगस्त 01, 2019 तक और जो रिलीज़ होगये हैं क्यूंकि:
  1. उन्होंने अपना असाइनमेंट खत्म कर दिया है।
  2. जिनकी कोई फिजिकल डिसेबिलिटी हो गयी हो मिलिट्री सर्विस के कारण।
  3. या फिर इनवैलिडमेंट के कारण।
  • UPSC CSE में, पूर्व सैनिकों (कमीशन के प्रस्ताव और SSCO / ECO सहित) के लिए अधिकतम पांच वर्ष तक की आयु में छूट का प्रावधान है, जिन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया है और बशर्ते उन्होंने न्यूनतम पांच वर्ष की सैन्य सेवा प्रदान की हो 1 अगस्त, 2019 तक।
  • PWD कैंडिडेट को अधिकतम दस वर्ष तक की आयु में छूट मिलती है।
4) शारीरिक मानक कैंडिडेट्स जो एम्प्लॉयमेंट लेना चाहते हैं आल इंडिया सर्विसेज के साथ उनको फिजिकल टेस्ट्स भी क्लियर करने पड़ते हैं जो कि गवर्मेंट ऑफ़ इंडिया ने बनाये हैं।
  • फिजिकली फिट होना सर्विसेज करने के लिए बहुत जरूरी होता है।
  • साथ ही साथ कैंडिडेट्स को मेंटली फिट होना भी बहुत जरुरी होता है।
  • जो कैंडिडेट्स मेंटल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट में पास नहीं करते हैं उन कैंडिडेट्स को अपॉइंटमेंट नहीं मिलती।

हॉस्पिटल्स जो मेडिकल टेस्ट ले सकते हैं सिविल सर्विसेज एग्जाम के लिए :

दिल्ली में 7 कॉलेज एसाइन्ड हैं सिविल सर्विसेज का मेडिकल टेस्ट लेने के लिये, और वो हैं :
  1. सफदरजंग अस्पताल
  2. डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल
  3. लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल
  4. सुचेता कृपलानी अस्पताल
  5. गुरु तेज बहादुर अस्पताल
  6. सीन दयाल उपाध्याय अस्पताल
  7. बीआर अंबेडकर अस्पताल
इन् कॉलेजेस में मेल कैंडिडेट्स के साथ फीमेल कैंडिडेट्स को भी एक्सामिन करते है। इसके अलावा जीन कैंडिडेट्स की फिजिकल डिसेबिलिटी होती है उनके मेडिकल एग्जाम दुसरे कॉलेजेस कंडक्ट करवाता है उनके आईएएस प्रीलिम्स के हिसाब से, वो कॉलेजेस हैं :
  1. सफदरजंग अस्पताल
  2. डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल
  3. LHMC
  4. गुरु तेज बहादुर अस्पताल
  5. लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल
इसके अलावा कैंडिडेट्स जिनको अपीलेट स्पेशलाइज्ड मेडिकल बोर्ड की जरुरत पड़ती है उनकी आँखों की कंडीशंस के लिए उन् कैंडिडेट्स को गुरु नानक आईज सेंटर, नई दिल्ली भेजा जाता है मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए।
5) इंग्लिश : किसी भी सिविल सर्विसेज के प्रोफेशन के लिए इंग्लिश हर कैंडिडेट के लिए अनिवार्य होती है, इंग्लिश पे अच्छी पकड़ एक बहुत ही बड़ी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होती है पब्लिक सर्विसेज में काम करने के लिये।

आईएएस ऑफिसर की चयन प्रक्रिया

सबसे पहला और इम्पोर्टेन्ट स्टेप होता है एप्लीकेशन का ,कैंडिडेट्स को आईएस के पेपर में अप्पेअर करने के लिए आईएस का एप्लीकेशन फॉर्म भड़ना पडता है। यह फॉर्म upsc.gov.in पे अवेलेबल होता है, फॉर्म के लिए क्लिक करें। इस फॉर्म भरने की अंतिम डेट आपको साईट पे मिल सकती है जैसे की इस साल की अंतिम डेट मार्च 18 थी।
  • कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वह पहले अपनी एलिजिबिलिटी चेक करले एप्लीकेशन फॉर्म भरने से पेहल, क्यूँकि अयोग्य कैंडिडेट्स को upsc कैंसिल कर देती है।
  • किसी भी मुश्किल को अवॉयड करने के लिए कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है की आईएएस एप्लीकेशन फॉर्म अंतिम तिथि से पहले ही भरदें।
  • आईएएस प्रीलिम्स के एप्लीकेशन फॉर्म्स और आईएएस मेंस के अलग अलग होते हैं और उन्हें अलग से ही भरना पड़ता है।
  1. आईएएस प्रीलिम्स (स्टेप 1)
  2. आईएएस मेंस (स्टेप 2)
  3. पर्सनालिटी टेस्ट (स्टेप 3)

आईएएस प्रीलिम्स (स्टेप 1 )

आईएस के मैन्स एग्जामिनेशन के पहले एक प्रारंभिक एग्जामिनेशन होता है जिसको कहते हैं आईएएस प्रीलिम्स। आईएएस प्रीलिम्स दो पार्ट्स का होता है पहला जनरल एबिलिटी टेस्ट(GAT) और दूसरा सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट(CSAT)
कार्यक्रम तारीखें
IAS की नोटिफिकेशन रिलीज़ फरवरी 19, 2019
आईएएस प्रीलिम्स के एप्लीकेशन फॉर्म की उपलब्धि फरवरी 19, 2019
आईएएस प्रीलिम्स फॉर्म की लास्ट डेट मार्च 18, 2019
आईएएस प्रीलिम्स के एडमिट कार्ड मई , 2019 के पहले हफ्ते में
आईएएस प्रीलिम्स की एग्जाम डेट जून 2, 2019

आईएएस प्रीलिम्स का रजिस्ट्रेशन

आईएस का फॉर्म ऑफिसियल वेबसाइट(क्लिक करें) पे फरवरी के महीने तक आ जाता है, कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वह अपने रिक्वायर्ड डाक्यूमेंट्स के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन का प्रोसेस जल्द से जल्द शुरू कर दें।

आवश्यक दस्तावेज़

  • दसवीं कक्षा की मार्कशीट
  • कक्षा बारहवीं की मार्कशीट
  • ग्रेजुएशन की मार्कशीट
  • चिकित्सा प्रमाण पत्र
  • केटेगरी प्रमाण पत्र
  • स्कैन्ड फोटोग्राफ
  • स्कैन्ड हस्ताक्षर
  • IAS प्रीलिम्स 2019 एडमिट कार्ड: 2019 प्रीलिम्स का एडमिट कार्ड कैंडिडेट्स को अवेलेबल होगा आईएएस एग्जाम के दो हफ्ते पहले ,यह एडमिट कार्ड कैंडिडेट्स upsc की ऑफिसियल की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है। एडमिट कार्ड में इम्पोर्टेन्ट डिटेल्स होती हैं जैसे की कैंडिडेट का नाम, रोल नंबर, फोटो, डेट और वेन्यू।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया:
1 ) रजिस्ट्रेशन :
  • ऑफिसियल वेबसाइट पे जाके अप्लाई फॉर उपस्क सिविल सर्विसेज के लिंक पे क्लिक करें।
  • वहां पे अपना नाम ,जेंडर, केटेगरी ,राष्ट्रीयता, और बाकी डिटेल्स भरें।
  •  इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।
2) फीस का भुगतान :
  • ऑफलाइन और ऑनलाइन पेमेंट मेथड्स में से चूसे कीजिये
  • ऑफलाइन मोड -कैश पेमेंट तो SBI के सबसे नज़दीकी ब्रांच में और पे-इन-स्लिप जो की पेज पे दिया गया होता है
  • ऑनलाइन मोड – डेबिट कार्ड /क्रेडिट कार्ड या फिर नेट बैंकिग
  • फिर क्लिक करें, पे नाउ बटन पर
(यह स्टेप उन् कैंडिडेट्स के लिए नहीं है जिनको फीस पेमेंट में छूट प्राप्त है।)   
श्रेणी IAS प्रीलिम्स एग्जाम फीस
जेनरल और OBC कैंडिडेट सिर्फ पुरुषों के लिए Rs.100
सभी महिला कैंडिडेट छूट
SC/ ST/ PH कैंडिडेट छूट
3) कंटिन्यू रजिस्ट्रेशन
  • फीस पेय करने के बाद एप्लीकेशन फॉर्म की बाकी डिटेल्स भरें।
  • अपना IAS एग्जाम सेंटर चूज़ करें।
  • क्वालिफिकेशन और कम्युनिकेशन डिटेल्स को ध्यान से भरें।
  •  वेरीफाई करने के बाद सबमिट पे क्लिक करें।
 4) फोटो अपलोड करें
  • लिंक पे क्लिक करें या फिर ब्लैंक स्पेस पे जहाँ फोटो अपलोड करनी है।
  • इमेज सेलेक्ट करें।
  • उसके बाद अपलोड पे क्लिक करें ।
  • वेरीफाई करें की फोटो सही से खुल रही है या नहीं।
  • अपने हस्ताक्षर की इमेज अपलोड करने के लिए दुबारा इन् स्टेप्स को रिपीट करें।
  • अंतिम में “आई एग्री ” पर क्लिक करें, पूरा आईएएस ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करें।

आईएएस प्रीलिम्स एग्जाम पैटर्न

आईएएस प्रीलिम्स एग्जाम पैटर्न
परीक्षा मोड ऑफलाइन
प्रश्नपत्रों की संख्या 2- सामान्य योग्यता परीक्षा (GAT) और सिविल सेवा योग्यता परीक्षा (CSAT)
प्रश्नों की संख्या पेपर 1- 80; पेपर 2-100
प्रश्न पत्र प्रकार बहुविकल्पी प्रश्न
IAS प्रीलिम्स के कुल मार्क्स 400
परीक्षा की प्रकृति क्वालीफाइंग
परीक्षा की अवधि 2 ऑवर इच ( मतलब की दोनों पेपर्स के लिए दो घंटे) ,और ब्लाइंड स्टूडेंट्स के लिए 20 मिनट अतिरिक्त
परीक्षा की भाषा अंग्रेजी और हिंदी

IAS प्रीलिम्स की मार्किंग स्कीम

  • सामान्य अध्ययन के पेपर में प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होता है ।
  • सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट पेपर में प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंक का होता है ।
  • प्रत्येक प्रश्न के लिए, जिसके लिए उम्मीदवार द्वारा गलत उत्तर दिया गया है, उस प्रश्न को दिए गए अंकों में से एक तिहाई (0.33)दंड के रूप में काट लिया जाएगा।
  • यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक उत्तर देता है, तो उसे गलत उत्तर के रूप में माना जाएगा, भले ही दिए गए उत्तरों में से कोई एक सही हो और जुर्माना उस प्रश्न के लिए ऊपर वर्णित के समान हो।
  • यदि कोई प्रश्न खाली छोड़ा जाता है, अर्थात उम्मीदवार द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया जाता है, तो उस प्रश्न के लिए कोई दंड नहीं होगा।
  • परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने होंगे ।

पुस्तकें

पाठ्यक्रम कवर की जाने वाली किताबें
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं समाचार पत्र – हिंदू / इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया ईयरबुक , योजना मैगज़ीन
भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन। नई एनसीईआरटी इतिहास की पाठ्य पुस्तकें (6-12कक्षा) पुरानी एनसीईआरटी की किताबें प्राचीन भारत आरएस शर्मा मध्यकालीन भारत सतीश चंद्र आधुनिक भारत के बिपन चंद्रा आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास (स्पेक्ट्म प्रकाशन)
भारतीय राजनीति और शासन संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकार मुद्दे आदि। भारतीय संविधान (एम.लष्मीकान्त) भारत के संविधान का परिचय (डीडी बसु)
आर्थिक और सामाजिक विकास सतत विकास, गरीबी, समावेश, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल, आदि कक्षा 11 एनसीईआरटी – इंडियन इकोनॉमिक डेवलपमेंटक्लास 12 एनसीईआरटी – इंट्रोडक्टरी माइक्रोइकोनॉमिक्सक्लास 12 एनसीईआरटी – इंट्रोडक्टरी मैक्रोइकॉनॉमिक्सइंडियन इकोनॉमी (रमेश सिंह)
भारतीय और विश्व भूगोल भौतिक, सामाजिक, भारत और विश्व का आर्थिक भूगोल। कक्षा 11 एनसीईआरटी – भौतिक भूगोल की मौलिक 11 एनसीईआरटी – भारत भौतिक पर्यावरण क्लस्टर 12 एनसीईआरटी – मानव भूगोल की मौलिक 12 एनसीईआरटी – भारत के लोग और इकोनॉमिक्स सर्टिफिकेट शारीरिक और मानव भूगोल (गोह चेंग रॉन्ग) ऑक्सफोर्ड स्कूल एटलस / ओरिएंट ब्लैकस्वान स्कूल एटलस
पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे जिन्हें विषय विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है। कक्षा 12 एनसीईआरटी जीवविज्ञान – अंतिम चार अध्याय (अध्याय 13 से 16) शंकर आईएएस पर्यावरण बुकलेट
सामान्य विज्ञान कक्षा 9 और 10 विज्ञान एनसीईआरटी की पुस्तकेंहिन्दू – रविवार विज्ञान और प्रौद्योगिकी पेजसाइंस रिपोर्टर पत्रिका

UPSC CSAT (पेपर – II) पेपर के लिए किताबें

पाठ्यक्रम कवर की जाने वाली किताबें
समझ तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता और डिसीजन-मेकिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग इंटरपर्सनल स्किल्स जिसमें कम्यूनिकेशन स्किल्स शामिल हैं। CSAT मैनुअल: सिविल सेवा प्रारंभिक पेपर -2 (TMH-Tata McGrawHill) के लिए सामान्य अध्ययन
बेसिक संख्या (संख्या और उनके संबंध, परिमाण के आदेश, आदि) (कक्षा X स्तर), डेटा व्याख्या (चार्ट, रेखांकन, तालिकाओं, डेटा पर्याप्तता आदि) कक्षा X स्तर)। सामान्य मानसिक क्षमता।

IAS मैन्स (स्टेप 2)

आईएएस मैन्स के लिए कैंडिडेट्स प्रिलिम्स देने के बाद क्वालीफाई करते है। जो कैंडिडेट्स आईएएस प्रीलिम्स में 33 % या उससे ज़्यादा मार्क्स से क्लियर कर जाते हैं वो कैंडिडेट्स आईएएस मैन्स में अप्पेअर करने के लिए क्वालीफाई करजाते हैं। मैन्स में दो टाइप के पेपर्स होते हैं एक क्वालीफाइंग पेपर होता है और दूसरा मेरिट पेपर होता है।
क्वालीफाइंग पेपर में दो लैंग्वेज एग्जाम होते हैं, एक जो की कैंडिडेट की पसंद की लैंग्वेज का पेपर और दूसरा इंग्लिश का।
मेरिट पेपर में 7 पेपर्स होते है, जो सारे 250 मार्क्स के होते हैं।
आईएएस मैन्स में एस्से राइटिंग और ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न दो होते हैं, सारे पेपर्स के स्कोर को मिलके और साथ ही साथ डायरेक्ट इंटरव्यू के रिजल्ट को मिलाके एक कैंडिडेट को उसकी रैंकिंग मिलती है।

एग्जाम पैटर्न

  • हर पेपर 250 मार्क्स का होता है।
  • हर्र पेपर 3 घंटे का होता है,और एक्स्ट्रा 30 मिनट मिलते हैं ब्लाइंड स्टूडेंट्स को।
  • मैन्स के एग्जाम में 7 पेपर्स होंगे जहाँ कैंडिडेट्स अपनी नॉलेज और अंडरस्टैंडिंग पे टेस्ट किये जाते है।
  • इस पेपर में प्रश्न दोनों तरीके के होते हैं ऑब्जेक्टिव टाइप और सब्जेक्टिव टाइप। प्रश्न इंग्लिश और हिंदी दोनों लैंग्वेजेज में बने होते हैं।
  • आईएएस मेंस दो अनिवार्य पेपर्स में बटा होता है-पहला क्वालीफाइंग पेपर और दूसरा मेरिट पेपर।

क्वालीफाइंग पेपर

पेपर A: 250 मार्क्स का होता है और यह पेपर कैंडिडेट अपनी सिलेक्टेड लैंग्वेज में देते हैं ,जो की भारतीय संविधान के छठे अनुसूची में से ही होनी चहिये।
पेपर : यह पेपर कैंडिडेट इंग्लिश में देते हैं और पेपर भी 250 मार्क्स का होता है।

मेरिट एग्जाम

यह पेपर कैंडिडेट की बौद्धिक और पारस्परिक कौशल टेस्ट करने के लिए होता है। इस पेपर के निबंध टाइप प्रश्न कैंडिडेट्स को उनके सब्जेक्ट्स की अंडरस्टैंडिंग पर टेस्ट करती है।
पेपर 
पेपर का शीर्षक 
अलॉटेड अंक 
पेपर 1
निबंध लेखन
250 अंक  
पेपर 2
सामान्य अध्ययन I भारतीय विरासत और संस्कृति, इतिहास और विश्व और समाज का भूगोल
250 अंक 
पेपर 3
सामान्य अध्ययन II शासन, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध
250 अंक 
पेपर 4
सामान्य अध्ययन III प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव III विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
250 अंक 
पेपर 5
सामान्य अध्ययन IV नैतिकता, अखंडता और योग्यता
250 अंक 
पेपर 6
वैकल्पिक विषय – पेपर 1
250 अंक 
पेपर 7
वैकल्पिक विषय – पेपर 2
250 अंक 
 लिखित परीक्षा का कुल योग
1750 अंक 

आईएएस मैन्स मार्किंग स्कीम

  • मैन्स में कुल 1750 अंक होते हैं।
  • हर प्रश्न 2.5 अंको का होता है।
  • कैंडिडेट्स को टेस्ट किया जायेगा- उनके बेसिक्स, समस्या /परिस्थिति को समझना,उसका समाधान, प्रस्तुति और भाषा पे।
  • इसके अलावा कैंडिडेट्स को दो ऑप्शनल पेपर्स भी चूज़ करने होते है।

किताबें

भारतीय विरासत और संस्कृति, इतिहास और विश्व और समाज का भूगोल।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I
इतिहास: कला और संस्कृति – नितिन सिंघानिया। स्वतंत्रता के लिए भारत का संघर्ष (बिपिन चंद्र) आजादी के बाद का भारत (बिपिन चंद्र) भारतीय और विश्व भूगोल– माजिद हुसैन भारतीय समाज कक्षा 11 एनसीईआरटी पुस्तक – समाजशास्त्र का परिचय कक्षा 12 एनसीईआरटी बुक – अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी
शासन, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-II
डीडी बसु द्वारा भारत के संविधान का परिचय। भारतीय संविधान – पीएम बख्शी दूसरी एआरसी रिपोर्ट। राजीव सीकरी द्वारा भारतीय विदेश नीति। विदेश मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट
प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- III
बजट डॉक्यूमेंट इकोनोमिक सर्वे ऑफ इंडिया डिसास्टर मैनेजमेंट – दूसरा एआरसी रिपोर्ट सिक्योरिटी – गृह मंत्रालय वार्षिक रिपोर्ट
नैतिकता, अखंडता और योग्यता
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-IV
नैतिकता, अखंडता और योग्यता के लिए लेक्सिकन (सिविल सेवा क्रॉनिकल)

आईएएस की तैयारी

आईएस का पेपर इंडिया में सबसे मुश्किल पेपर्स में माना जाता है और इसके साथ इस पेपर में करीबन 10 लाख कैंडिडेट्स अप्पेअर करते हैं कुछ 1000 सीट्स के लिये। इसका मतलब एक स्टूडेंट या कैंडिडेट की आईएएस क्लियर करने के लिए सिर्फ 0.1% चान्सेस होती है। इस जानकारी से हम यह अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आईएस में कम्पटीशन कितना हाई होता है।
इसलिए यह पेपर क्लियर करने के लिए एक कैंडिडेट को अपनी प्रिपरेशन बहुत अच्छे तरीके से करनी पड़ती है। सालों की मेहनत और पढाई के बाद ही कोई स्टूडेंट या कैंडिट आईएएस का एग्जाम क्लियर कर पाता है। कैंडिडेट्स सेल्फ स्टडी तो करते ही हैं मगर साथ ही साथ वह बाहर से मदद भी लेते हैं जैसे की:
कोचिंग संस्थान: इन् संस्थानों में आईएस की सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पढ़ाते हैं स्टूडेंट्स को और उन्हें उनके एग्जाम के लिए तैयार करते हैं। ,कोचिंग इंस्टीटूट्स के उदाहरण :
  • Chanakya IAS Academy
  • Sathya IAS Academy
  • ALS IAS Academy
  • Elite Academy 
ऑनलाइन कोचिंग : आज के टाइम में हमारे पास इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी का एक्सेस है की अभी हम घर बैठे बैठे आईएएस के लिए प्रेपर कर सकते है। ऑनलाइन कोचिंग एक बहुत ही सस्ता और कनविनिएंट ऑप्शन होता है घर से पढ़ने का। ऑनलाइन कोचिंग ऍप्लिकेशन्स के उदाहरण हैं UnAcademy, Byjus, इत्यादि
मॉक एग्जाम: मॉक पेपर देना किसी भी एग्जाम से पहले बहुत अच्छा माना जाता है क्यूंकि इससे :
  • कैंडिडेट्स को असली एग्जाम का एक अंदाज़ा लग जाता है,
  • पता चल जाता है की उनकी प्रिपरेशन कैसी चल रही है,
  • पूरे सिलेबस का रिवीजन हो जाता है,
  • असली एग्जाम का ट्रायल रन हो जाता है और
  • कैंडिडेट्स को टाइम मैनेजमेंट भी आ जाता है।

आईएएस पर्सनालिटी टेस्ट (स्टेप 3)

इस टेस्ट के लिए वह कैंडिडेट्स क्वालीफाई करते हैं जो कैंडिडेट्स आईएएस मैन्स के एग्जाम क्लियर या क्वालीफाई कर जाते है। पर्सनालिटी टेस्ट में साइकोमेट्रिक टेस्ट ,असेसमेंट टेस्ट और पर्सनल इंटरव्यू शामिल होते है।

परीक्षा पैटर्न

  • मैन्स से क्वालीफाई करने वाले कैंडिडेट्स एलिजिबल होते हैं पर्सनालिटी टेस्ट के लिये।
  • इस टेस्ट का उदेश्य ये होता है कि कैंडिडेट्स की सुटेबिलिटी टेस्ट करने की लिए एज ए करियर इन पब्लिक सर्विसेस। यह सुइटाबिलिटी एक बोर्ड टेस्ट करती है जो की निष्पक्ष और कम्पीटेंट आब्जर्वर से बनी होती है।
  • इस टेस्ट का मैं मकसद होता है कैंडिडेट का मेंटल कैलिबर टेस्ट करना।
  • वो गुण जो कैंडिडेट्स की जज होते हैं वह है मानसिक सतर्कता, आत्मसात करने की महत्वपूर्ण शक्ति, स्पष्ट और तार्किक प्रदर्शनी, निर्णय का संतुलन, विविधता और रुचि की गहराई , सामाजिक सामंजस्य की क्षमता और नेतृत्व, बौद्धिक और नैतिक अखंडता।
  • यह टेस्ट कैंडिडेट की पसंद वाली लैंग्वेज में होता है।
  • इस इंटरव्यू में 275 मार्क्स पे ग्रेड किया जाता है। इस से आईएएस के कुल अंक हो जातें हैं 1,750(मैन्स) + 275(व्यक्तित्व टेस्ट ) = 2,025 अंक।
  • इस ग्रैंड टोटल के बेसिस पे कैंडिडेट्स को ग्रेड किया जाता है और फिर फाइनल इंटरव्यू में बुलाया जाता है।

एग्जाम सेंटर

आईएएस प्रीलिम्स के एग्जाम सेंटर

अगरतला कोयंबटूर इंदौर मैसूर सिलीगुड़ी
आगरा कटक ईटानगर नागपुर श्रीनगर
अजमेर देहरादून जबलपुर नवीं मुंबई ठाणे
दिल्ली जयपुर अहमदाबाद गौतम बुद्ध नगर तिरुवनंतपुरम
आइजोल धारवाड़ जम्मू पणजी (गोवा) तिरुचिरापल्ली
अलीगढ दिसपुर जोधपुर पटना तिरुपति
प्रयागराज फरीदाबाद जोरहाट पोर्ट ब्लेयर उदयपुर
अनंतपुर गंगटोक कोच्चि पुडुचेरी वाराणसी
औरंगाबाद गया कोहिमा पुणे वेल्लोर
बैंगलोर ग़ाज़ियाबाद कोलकाता रायपुर विजयवाड़ा
बरेली गोरखपुर कोझिकोड राजकोट विशाखापट्टनम
भोपाल गुरुग्राम लखनऊ रांची वारंगल
बिलासपुर ग्वालियर लुधियाना संबलपुर चंडीगढ़
हैदराबाद मदुरै शिलांग चेन्नई इंफाल
मुंबई शिमला

आईएएस मैन्स के सेंटर

अहमदाबाद देहरादून मुंबई
आइजोल दिल्ली पटना
प्रयागराज दिसपुर रायपुर
बेंगलुरु हैदराबाद रांची
भोपाल जयपुर शिलांग
चंडीगढ़ जम्मू शिमला
चेन्नई कोलकाता तिरुवनंतपुरम
कटक लखनऊ विजयवाड़ा

एग्जाम सेंटर एलोकेशन

  • एग्जाम सेंटर का एलोकेशन “फर्स्ट-अप्लाई-फर्स्ट-आल्लोट” के बेसिस पे होती है।
  • जब एक सेंटर की कैपेसिटी फुल हो जाती है तब उसकी एलोकेशन होना बंद हो जाता है।
  • ऐसी सलाह दी जाती है कि कैंडिडेट्स जल्दी अप्लाई करें ताकि उन्हें अपने पसंद वाला एग्जाम सेंटर मिल जाए।
  • बाद में कोई भी कैंडिडेट की रिक्वेस्ट सेंटर चेंज करने के लिए बिलकुल भी नहीं मानी जाती।

आईएएस ऑफिसर की जॉब के विकल्प

आईएएस ऑफिसर्स दो लेवल पे होते हैं एक होता है सेंट्रल लेवल और दूसरा होता है स्टेट लेवेल।
आईएएस में सेंट्रल लेवल पे अनुक्रम (हायरार्की)
पद सेवा की अवधि
अंडर सेक्रेटरी 4 साल
उप सचिव 9 साल
डायरेक्टर 12 साल
जॉइंट सेक्रेटरी 20 साल
एडिशनल सेक्रेटरी 30 साल
सेक्रेटरी 34 साल
आईएएस में स्टेट लेवल पे अनुक्रम (हायरार्की)
पद सेवा का समय
उप सचिव / अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सर्विसेज के एंट्री लेवल पे
संयुक्त सचिव / उपायुक्त / जिला मजिस्ट्रेट 6 साल
स्पेशल सेक्रेटरी 9 साल
सेक्रेटरी 16 साल
प्रमुख सचिव / वित्त आयुक्त 24 साल
चीफ सेक्रेटरी 30 साल

आईएएस ऑफिसर का वेतन

इंडियन गवर्नमेंट ने सिविल सर्वेन्ट्स के सैलरी के ग्रेड फिक्स किये हुए है। मगर यह ग्रेड हर पेय कमीशन के हिसाब से बदलते है। वर्तमान सैलरी की रेंज है :
  छठा पे कमीशन
सातवां पे कमीशन
ग्रेड
स्केल पे 
ग्रेड पे
वेतनमान
ग्रेड पे
सेवा की आवश्यकता के वर्ष
पद
जूनियर स्केल
15,600 – 39,100
5,400
50,000 – 150,000
16,500
NA
सब डिविजनल मजिस्ट्रेट  (एसडीएम), एसडीओ या सब कलेक्टर (2 साल प्रोबेशन के बाद)
सीनियर टाइम स्केल
15,600 – 39,100
6,600
50,000 – 1,50,001
20,000
5 वर्ष 
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) या कलेक्टर या सरकारी मंत्रालयों का जॉइंट सेक्रेटरी 
जूनियर प्रशासनिक ग्रेड
15,600 – 39,100
7,600
50,000 – 1,50,002
23,000
9 वर्ष 
स्पेशल सेक्रेटरी या विभिन्न सरकारी विभागों का प्रमुख
चयन ग्रेड
37,400 – 67,000
8,700
1,00,000 – 2,00,000
26,000
12 to 15 वर्ष 
मंत्रालय का सचिव
सुपर टाइम स्केल
37,400 – 67,000
10,000
1,00,000 – 2,00,000
30,000
17 to 20 वर्ष 
किसी प्रमुख सरकारी विभाग का प्रमुख मुख्य सचिव 
सुपर टाइम स्केल से ऊपर
37,400 – 67,000
12,000
1,00,000 – 2,00,000
30,000
अलग-अलग
अलग-अलग
सर्वोच्च पैमाना
80,000 (तय)
NA
2,40,000 (तय)
NA
अलग-अलग
राज्य के प्रमुख सचिव, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों का केंद्रीय सचिव 
कैबिनेट सचिव ग्रेड
90,000 (तय)
NA
2,50,000 (तय)
NA
अलग-अलग
कैबिनेटसेक्रेटरीऑफ इंडिया
सैलरी के अलावा सिविल सर्वेन्ट्स को काफी सारी अल्लोवान्सेस मिलती हैं गवर्नमेंट से जैसे की – महंगाई भत्ता, शहर का मुआवजा भत्ता, छुट्टी यात्रा भत्ता, चिकित्सा और सब्सिडी आवास और भी कई हैं।

एग्जाम दिन के लिए कुछ जरूरी निर्देश

  • कैंडिडेट्स कोई भी एक्स्ट्रा रफ़ शीट नहीं लेके जा सकते हैं, वह सेंटर में ही प्रोवाइड होगी।
  • जो चीज़ें कैंडिडेट्स सेंटर में लेके नहीं जा सकते हैं उनके उदाहरण हैं: लॉग टेबल, कैलकुलेटर, मैप, एलेक्ट्रॉनिक्स, नोटेस, लूज़ शीट, बुक, इत्यादि। अगर इन् में से कुछ भी किसी भी कैंडिडेट के पास मिला तो उस कैंडिडेट का पेपर कैंसिल हो जाता है।
  • एग्जाम हॉल के अंदर किसी भी तरीके का दुर्व्यवहार सहा नहीं जाता है।
  • कैंडिडेट्स को ब्लैक बॉल पॉइंट पेन अपने साथ कैरी करना चाहिए।
  • कैंडिडेट्स को याद से अपना आईएस का एडमिट कार्ड लेके जाना चाहिए।
  • आईएस के एडमिट कार्ड को आईएस की रिक्रूटमेंट तक संभल के रखना चाहिए।
  • एग्जाम सेंटर पे कैंडिडेट्स को टाइम से पहले पहुंच जाना चाहिए।
  • सिविल सेवा परीक्षा 2020 का फार्म अभी नहीं निकला है।

आईएएस 2019 की कट-ऑफ

केटेगरी प्रीलिम्स मैन्स फाइनल
जेनरल 150-200 660-679 860-889
OBC 140-201 600-631 809-845
ST 103-180 610-620 800-815
SC 101-185 615-633 815-835
PH 1 101-170 550-615 800-820
PH 2 89-120 550-630 780-835
PH 3 60-125 450-515 690-726
इस आर्टिकल के ज़रिये से हमारी तरफ से एक कोशिश थी कि आपको हर वह बात बतानें की जो आपको एक अच्छा और सफल सिविल सेवक बनने में मदद करे। अगर आपको और कोई बात जाननी हो या और कोई सवाल हो जो आपके आईएएस अफसर बनने से ज़ुरा हो तो आप नीचे दिए हुए कमेंट्स सेक्शन में लिख के हमसे पूछ सकते हैं, हमें बहुत ख़ुशी होगी आपके जवाबों का उत्तर देने में, और हम आशा करते है की आप जल्द से जल्द सिविल सेवा परीक्षा पास करें और एक कामयाब आईएएस अफसर बन जाए। हमे अपना कीमती वक़्त देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया।