छेड़छाड़ पर कानून - Section 354 of IPC in Hindi

पहले छेड़छाड़ के दोषी को दो वर्ष की सजा होती थी, लेकिन अब सात वर्ष तक सजा का प्रावधान नए कानून के तहत कर दिया है। अब धारा 354 के तहत छेड़छाड़ के मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकतम सात साल कैद की सजा का प्रावधान किया गया है।

छेड़छाड़ पर कानून - Section 354 of IPC in Hindi

Section 354 of IPC in Hindi - छेड़छाड़ के मामले में कानून में कई नए प्रावधान किए। छेड़छाड़ से संबंधित कई अपराध को गैरजमानती बनाया गया। पहले छेड़छाड़ के मामले में आईपीसी की धारा-354 के तहत केस दर्ज किए जाते थे। वैसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 2 साल तक कैद की सजा का प्रावधान था। साथ ही यह मामला जमानती था।

Section 354 of IPC in Hindi - कानूनी बदलाव के बाद आईपीसी की धारा-354 के तहत दोषी करार दिए जाने पर 5 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान किया गया। इसमें कम से कम एक साल कैद की सजा का प्रावधान किया गया। छेड़छाड़ को गैरजमानती बनाया गया है। पहले जमानती था। धारा-354 में कई उपधाराएं भी बनाई गईं। धारा-354 ए, 354 बी, 354 सी और 354 डी का प्रावधान किया गया है। धारा-354ए में चार पार्ट हैं।

आईपीसी की धारा-354 ए पार्ट 1 में प्रावधान है कि अगर कोई शख्स किसी महिला के साथ यौन प्रकृति लिए उसके शरीर को छूता है तो वह यौन प्रकृति का कंडक्ट कहा जाएगा। आईपीसी की धारा-354a पार्ट 2 में कहा गया है कि अगर कोई शख्स किसी भी लड़की या फिर महिला से सेक्सुअल प्रकृति का आग्रह करता है या मांग करता है तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा। अगर कोई शख्स किसी महिला को उसकी मर्जी के बिना पोर्नोग्राफी दिखाता है तो वह आईपीसी की धारा-354a पार्ट 3 के तहत अपराध होगा। आईपीसी की धारा-354a पार्ट 4 के तहत अगर कोई शख्स किसी महिला पर सेक्सुअल कॉमेंट करता है, तो वह अपराध होगा। इन मामलों में एक साल से लेकर तीन साल तक कैद की सजा का प्रावधान किया गया है। वैसे ये तमाम मामले जमानती होंगे, लेकिन ये संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। महिला की शिकायत पर पुलिस को संज्ञान लेते हुए केस दर्ज करना होगा और कानूनी कार्रवाई करनी होगी।

बल प्रयोग करने पर सख्त सजा : आईपीसी की धारा-354 बी के तहत कानूनी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई शख्स किसी महिला के खिलाफ बल का प्रयोग करता है और उसे कपड़े उतारने पर मजबूर करता है या फिर उकसाता है तो वह अपराध होगा और ये मामला गैरजमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इस मामले में दोषी को कम से कम 3 साल और ज्यादा से ज्यादा 7 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। अगर कोई शख्स किसी महिला की प्राइवेट एक्ट की तस्वीर लेता है या फिर उसे लोगों में फैलाता है तो आईपीसी की धारा-354 सी के तहत आरोपी होगा। पहली बार दोषी पाए जाने पर एक से 3 साल जबकि दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 3 से 7 साल तक सजा का प्रावधान किया गया है।

पीछा करना है अपराध : किसी महिला या लड़की का उसकी मर्जी के खिलाफ कोई शख्स पीछा करता है या फिर उससे संपर्क साधने की किसी भी तरह से कोशिश करता है तो इस मामले में महिला की शिकायत पर आईपीसी की धारा-354 डी के तहत केस दर्ज किए जाने का प्रावधान है। पीछा करने के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 साल तक कैद की सजा का प्रावधान किया गया है।

एसिड अटैक में अलग प्रावधान : एसिड अटैक के मामले में भी सख्त कानूनी प्रावधान किए गए हैं। एसिड अटैक मामले के लिए आईपीसी की धारा-326 ए और 326 बी के तहत केस दर्ज होंगे। अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। एंटी रेप लॉ कानून में महिलाओं के खिलाफ होने वाले सेक्सुअल अपराध के मामले में सख्त कानूनी प्रावधान किए गए हैं।