Is Hindi National Language of India - हिन्दी राष्ट्रभाषा नहीं है?

सूचना के अधिकार के तहत भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा मिली सूचना के अनुसार भारत के संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी भारत की 'राजभाषा' यानी राजकाज की भाषा मात्र है। भारत के संविधान में राष्ट्रभाषा का कोई उल्लेख नहीं है।

Is Hindi National Language of India - हिन्दी राष्ट्रभाषा नहीं है?

Is Hindi National Language of India - हिंदी भाषा, भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है | दुनिया भर में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी का चौथा स्थान है | देश के 77% लोग हिन्दी बोलते और समझते हैं. 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में 5 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी, बंगाली, तेलुगु, मराठी, तमिल भाषाएँ हैं | लेकिन फिर भी हिंदी हमारे देश की (NATIONAL LANGUAGE) नहीं है.

Is Hindi National Language of India? : हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा (NATIONAL LANGUAGE) नहीं है, किन्तु फिर भी हम देखते है की भारत के बहुत सारे  दफ्तरों में हिंदी में काम होता है | भारत सरकार द्वारा जारी  किसी भी तरह का डॉक्यूमेंट हो उसमें हिंदी भाषा अवश्य लिखी रहती है. जैसे पासपोर्ट भी अंग्रेजी के साथ साथ हिंदी में जरुर लिखा रहता है. दरअसल इसके पीछे कारण यह है की हिंदी भले ही राष्ट्र भाषा नहीं हो पर वह भारत की ऑफिसियल (अधिकारिक ) भाषा है. भारतीय संविधान (Indian Constitution)  में 14 September, 1949 को हिन्दी की देवनागरी लिपि को अधिकारिक तौर पर मान्यता दी गई थी। इसलिए 14 सितम्बर को हर साल “हिन्दी दिवस” भी मनाया जाता है। इसलिए भारत में सरकारी दफ्तरों में हिंदी ही इस्तेमाल होती है और अंग्रेजी भारत की दूसरी ऑफिसियल भाषा है

भले ही हिंदी भारत की राष्ट्र भाषा नहीं हो पर भारत के हर एक राज्य को अपनी अधिकारिक भाषा चुनने का अधिकार है. इस तरह हर एक राज्य की अधिकारिक भाषा अलग अलग अलग होती है जिसके कारण राज्य द्वारा जारी किये गये डॉक्यूमेंट की भी भाषा अलग अलग होती है. जैसे तमिलनाडु का राशनकार्ड हिंदी में नहीं बल्कि  तमिल और इंग्लिश में लिखा होता है. हिन्दी अपनाने के मामले में बिहार ने पूरे भारत को पीछे छोड़ दिया था जब वर्ष 1881 में बिहार ने उर्दू को छोड़ हिन्दी को अपनी एकमात्र राज भाषा बना लिया था। और ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य था।

OFFICIAL LANGUAGE और NATIONAL LANGUAGE में अंतर - राष्ट्रभाषा (NATIONAL LANGUAGE) वो भाषा होती है जिसका उपयोग राष्ट्र में हर जगह होता है जबकि  अधिकारिक भाषा (OFFICIAL LANGUAGE) वो भाषा होती है जिसका उपयोग सरकारी कार्यालयों में होता है. यह हमारे देश का दुर्भाग्य ही है की इतने बड़े देश की कोई भी राष्ट्रभाषा नहीं है. हिन्दी को राष्ट्रीय भाषा बनाने के लिए लम्बे समय से debate चल रही है, लेकिन इस पर अभी तक मुहर नहीं लगी है।

इंटरनेट पर हिंदी कंटेंट की भारी मांग - हिंदी दुनिया में सबसे तेजी से लोकप्रिय हो रही भाषा है और इंटरनेट पर भी इसकी मांग पिछले कुछ सालों में अंग्रेजी की तुलना में 5 गुना तेजी से बढ़ी है. गूगल ने कहा है कि इंटरनेट पर हिंदी कंटेंट की मांग अब बढ़ना शुरू हो गई है. यह साल-दर-साल English कंटेंट के 19 प्रतिशत growth के मुकाबले 94 प्रतिशत बढ़ती जा रही है . कम्प्यूटर के विकास के शुरूआती काल में अंग्रेजी को छोड़कर विश्व की अन्य भाषाओं का प्रयोग बहुत कम किया जाता था. जिससे कारण सामान्य लोगों में यह गलत धारणा फैल गयी कि कम्प्यूटर अंग्रेजी के सिवा किसी दूसरी भाषा में काम ही नही कर सकता. किन्तु यूनिकोड की पहली एंट्री के बाद सिचुएशन बहुत तेजी से बदल गयी. हिंदी भारत की उन 7 भाषाओं में से एक भाषा है जिसका इस्तेमाल Web addresses (URLs) बनाने के लिए किया जाता है.

176 विश्वविद्यालयों में हिन्दी की पढ़ाई - आज भी संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के 45 विश्वविद्यालय सहित पूरी दुनिया के लगभग  176 विश्वविद्यालयों में हिन्दी की पढ़ाई जारी है. भारत के बाहर, हिन्दी बोलने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका में 648,983, मॉरीशस में 685,170, दक्षिण अफ्रीका में 890,292, यमन में 232,760, युगांडा में 147,000, सिंगापुर में 5,000, नेपाल में करीब 8 लाख, न्यूजीलैंड में 20,000, जर्मनी में 30,000 लोग रहते हैं. 20 से ज्यादा देशों में हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है.